अंक 7 : ब्लैक पैम्फलैट्सः लीक से हटकर

black_pamphletsपॉडभारती का सातवाँ अंक आप तक कई महीनों के अंतराल में पहुंच रहा है इसके लिये हम क्षमाप्रार्थी हैं। हमारा इरादा हर कम से कम हर पखवाड़े एक अंक निकालना का रहा है पर व्यस्तता के कारण यह संभव न हो सका। हमारी ये कोशिश रहेगी कि पॉडभारती के अगले अंक नियमित अंतराल में जारी हों। पॉडभारती के सातवें में आप सुन सकते हैं:

  • नये स्तंभ “लीक से हटकर” में जानिये जीटॉक के स्टेटस संदेशों के अभिनव प्रयोग के बारे में
  • दिल्ली के कैम्पस में चुनावी माहौल का सटीक चित्रांकन करती एक युवा फिल्म निर्माता नितिन के प्रयास “ब्लैक पैम्पलेट्स” की कथा और
  • संगीतकार मदन मोहन की रचना प्रक्रिया के एक अनछुये पहलू की जानकारी, रेडियोवाणी के युनुस खान की ज़ुबानी।

इस अंक के बारे में आपकी राय का हमें बेसब्री से इंतज़ार रहेगा। हमें टिप्पणियों द्वारा या पॉडभारती एट जीमेल डॉट कॉम पर लिख कर बतायें।

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अंक 3 : मायावती पर फ्रेश रिलायंस

पॉडभारती के पॉडज़ीन स्वरूप में इज़ाफा करते हुये हम इसके तृतीय अंक में सामयिक घटनाओं के विश्लेषण शामिल कर रहे हैं। हमारे तृतीय अंक में आप सुन सकते हैं,

  1. पॉडभारती के विगत अंकों पर श्रोताओं की राय का अवलोकन व हमारी प्रतिक्रिया,
  2. 13 मई 2007 को राँची में रिलायंस फ्रेश सुपरमार्केट पर पथराव की घटना के दूरगामी परिणाम देखने का प्रयास अफलातून देसाई और आलोक पुराणिक के साथ और
  3. उत्तर प्रदेश के असेंबली चुनाव में बसपा को मिले बहुमत के निहितार्थ बताती सृजन शिल्पी की विशेष वार्ता।